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आस्था, करुणा और इस विश्वास में निहित एक दृष्टि कि स्थायी विकास की शुरुआत लोगों से होती है
डॉ. क्यूलेया रूथ ब्ले एक चिकित्सक हैं, जिन्हें पश्चिम अफ्रीका के देश कोत दिवुआर में चिकित्सा अभ्यास का लाइसेंस प्राप्त है। Global Approach To Development (GAD) की संस्थापक के रूप में उनका मानना है कि सार्थक और सतत विकास की शुरुआत लोगों में, विशेषकर बच्चों में, निवेश से होती है, जो हर समुदाय और हर राष्ट्र का भविष्य हैं।
2014 में डॉ. ब्ले ने अफ्रीका के वंचित समुदायों के सामने खड़ी सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों का समाधान करने की दृष्टि के साथ Global Approach To Development की स्थापना की। उनका विश्वास सरल किंतु गहरा था: कोई भी राष्ट्र तब तक स्थायी विकास हासिल नहीं कर सकता, जब तक उसके बच्चे शिक्षा से वंचित हों, उसके परिवार स्वच्छ पेयजल पाने के लिए संघर्ष करते रहें और उसके समुदाय बुनियादी स्वास्थ्य सेवा के बिना जीते रहें।
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जहाँ आस्था मानवीय कार्य से मिलती है
Global Approach To Development की स्थापना 2014 में एक मानवीय पहल के रूप में की गई थी, ताकि यह LAMICI के मिशनरी प्रयासों के साथ मिलकर काम कर सके। LAMICI एक मसीही मिशनरी संगठन है, जो यीशु मसीह के सुसमाचार के प्रचार और वंचित समुदायों तथा उन समुदायों में, जहाँ अब तक सुसमाचार नहीं पहुँचा है, कलीसियाओं की स्थापना के लिए समर्पित है।
अपने मिशनरी कार्य के दौरान LAMICI अक्सर ऐसे दूरदराज़ गाँवों और अलग-थलग समुदायों तक जाता है, जहाँ बुनियादी आवश्यकताओं तक पहुँच अत्यंत सीमित है। ये ऐसी जगहें हैं जहाँ बच्चों को स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ सकता है, परिवार असुरक्षित जल स्रोतों पर निर्भर हो सकते हैं, और रोकी जा सकने वाली या उपचार योग्य बीमारियों से पीड़ित लोगों को चिकित्सा सेवा बहुत कम या बिल्कुल नहीं मिलती।
जब मिशनरी सुसमाचार सुनाने और कलीसियाओं की स्थापना करने के लिए इन समुदायों में पहुँचते हैं, तो वे स्थानीय परिवारों और नेताओं के साथ सार्थक संबंध बनाते हैं। इन संबंधों के माध्यम से वे उन चुनौतियों के बारे में प्रत्यक्ष रूप से सुनते हैं, जिनका सामना लोग हर दिन करते हैं। समुदाय स्कूलों, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सुविधाओं और अपनी जीवन-स्थितियों को सुधारने के अवसरों की अपनी आवश्यकता व्यक्त करते हैं।
डॉ. ब्ले के लिए ये आवश्यकताएँ एक मानवीय ज़िम्मेदारी भी हैं और करुणा के ठोस कार्यों के द्वारा यीशु मसीह के प्रेम को प्रकट करने का अवसर भी।
सुसमाचार हमें केवल परमेश्वर के प्रेम की घोषणा करने के लिए ही नहीं, बल्कि अपने कार्यों के द्वारा उस प्रेम को प्रकट करने के लिए भी बुलाता है।
यीशु मसीह की शिक्षाओं से प्रेरित होकर, जिन्होंने अपने संपर्क में आने वाले लोगों की आत्मिक और शारीरिक, दोनों आवश्यकताओं की सेवा की, डॉ. ब्ले ने एक ऐसे संगठन की कल्पना की जो सुसमाचार-प्रचार के साथ-साथ मानवीय पीड़ा के व्यावहारिक और स्थायी समाधान भी प्रस्तुत करे।
जहाँ LAMICI सुसमाचार-प्रचार, शिष्यता, नेतृत्व प्रशिक्षण और कलीसिया-स्थापना पर ध्यान केंद्रित करता है, वहीं Global Approach To Development उन्हीं समुदायों की सामाजिक और विकास संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने का प्रयास करता है।
ये दोनों मिशन मिलकर मानवता की सेवा के एक समग्र दृष्टिकोण को दर्शाते हैं: आत्मिक विकास को पोषित करते हुए अधिक स्वस्थ, अधिक शिक्षित और आर्थिक रूप से सशक्त समुदायों के लिए अवसर पैदा करना।
जैसा कि पवित्रशास्त्र हमें स्मरण दिलाता है:
“यदि कोई भाई या बहन नंगे-उघाड़े हों, और उन्हें प्रतिदिन भोजन की घटी हो, और तुम में से कोई उनसे कहे, ‘कुशल से जाओ, तुम गरम रहो और तृप्त रहो,’ पर जो वस्तुएँ देह के लिये आवश्यक हैं वह उन्हें न दे, तो क्या लाभ?”
बाइबल का यही सिद्धांत GAD के मिशन के केंद्र में है: विश्वास के साथ सार्थक कार्य भी होना चाहिए।
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एकीकृत विकास के माध्यम से मज़बूत समुदायों का निर्माण
डॉ. ब्ले मानती हैं कि वंचित समुदायों के सामने आने वाली चुनौतियाँ आपस में गहराई से जुड़ी हुई हैं। गरीबी, सीमित शिक्षा, खराब स्वास्थ्य, असुरक्षित पेयजल और अपर्याप्त बुनियादी ढाँचा अक्सर एक-दूसरे को और बढ़ाते हैं, जिससे कठिनाइयों के ऐसे चक्र बनते हैं जो पीढ़ी-दर-पीढ़ी चलते रहते हैं।
इसी कारण वे सामुदायिक विकास के एक एकीकृत दृष्टिकोण की पक्षधर हैं, जो हर चुनौती को अलग-अलग देखने के बजाय एक साथ कई आवश्यकताओं का समाधान करता है।
उनकी दृष्टि के अनुरूप GAD का कार्य तीन मूलभूत स्तंभों पर आधारित है:
शिक्षा: अगली पीढ़ी में निवेश
डॉ. ब्ले का मानना है कि बाल विकास और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुँच आर्थिक प्रगति की आवश्यक नींव हैं। जब बच्चों को सीखने का अवसर मिलता है, तो वे वह ज्ञान, आत्मविश्वास और कौशल प्राप्त करते हैं, जिनकी उन्हें अपना भविष्य गढ़ने, अपने परिवारों का सहारा बनने और अपने समुदायों में योगदान देने के लिए आवश्यकता होती है।
शिक्षा केवल व्यक्तिगत जीवन को ही नहीं बदलती। यह भविष्य के शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों, उद्यमियों, सामुदायिक नेताओं और नवप्रवर्तकों को तैयार करती है, जो अपने राष्ट्रों के दीर्घकालिक विकास में योगदान दे सकते हैं।
स्वच्छ जल: स्वास्थ्य की रक्षा और गरिमा की पुनर्स्थापना
सुरक्षित पेयजल तक पहुँच एक बुनियादी मानवीय आवश्यकता है, फिर भी कई ग्रामीण समुदायों को इसे प्राप्त करने में अब भी बड़ी बाधाओं का सामना करना पड़ता है।
भरोसेमंद स्वच्छ जल के बिना परिवार रोकी जा सकने वाली बीमारियों का शिकार होते हैं, बच्चे स्कूल नहीं जा पाते, और महिलाएँ तथा लड़कियाँ पढ़ाई या आर्थिक अवसरों के बजाय हर दिन घंटों पानी भरने में बिता सकती हैं।
स्वच्छ जल और बेहतर स्वच्छता तक पहुँच को प्राथमिकता देकर GAD सार्वजनिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने, रोकी जा सकने वाली पीड़ा को कम करने और ऐसा स्वस्थ वातावरण बनाने का प्रयास करता है, जहाँ परिवार और समुदाय फल-फूल सकें।
स्वास्थ्य सेवा: मानवीय क्षमता की नींव रखना
एक चिकित्सक के रूप में डॉ. ब्ले समझती हैं कि स्वास्थ्य मानव विकास का आधार है। रोकी जा सकने वाली बीमारी से पीड़ित बच्चा शिक्षा का पूरा लाभ नहीं उठा सकता। बिना इलाज की बीमारी से जूझ रहे माता या पिता काम करने या अपने परिवार का भरण-पोषण करने में असमर्थ हो सकते हैं।
स्वास्थ्य सेवा, रोग-निवारण संबंधी शिक्षा और आवश्यक चिकित्सा संसाधनों तक पहुँच में सुधार समुदायों को अधिक स्वस्थ और अधिक उत्पादक जीवन बनाने में मदद करता है।
डॉ. ब्ले का मानना है कि स्वास्थ्य सेवा को केवल बीमारी की प्रतिक्रिया के रूप में नहीं, बल्कि मानवीय क्षमता और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता में निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए।
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समुदायों को सशक्त बनाना, निर्भरता पैदा करना नहीं
डॉ. ब्ले के दर्शन के केंद्र में यह विश्वास है कि सतत विकास में उन लोगों की भागीदारी होनी चाहिए, जिनकी सेवा के लिए वह किया जाता है।
बाहरी समाधान थोपने के बजाय GAD समुदायों की बात सुनने, उनकी प्राथमिकताओं को समझने, उनके सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करने और व्यावहारिक तथा स्थायी समाधान खोजने के लिए स्थानीय नेताओं के साथ मिलकर काम करने का प्रयास करता है।
उनकी दृष्टि अस्थायी सहायता देने से आगे जाती है। इसका उद्देश्य समुदायों को इतना सशक्त बनाना है कि वे अपनी प्रगति को बनाए रखने के लिए आवश्यक ज्ञान, संसाधन, बुनियादी ढाँचा और अवसर स्वयं विकसित कर सकें।
सच्चा विकास केवल बनाए गए भवनों, खोदे गए कुओं या दी गई सेवाओं की संख्या से नहीं मापा जाता। इसे लोगों के जीवन में आए स्थायी सुधारों और अपने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य बनाने की उनकी क्षमता से मापा जाता है।
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अफ्रीका के भविष्य के लिए एक दृष्टि
डॉ. ब्ले का मानना है कि अफ्रीका का सबसे बड़ा संसाधन उसके लोग हैं। इस महाद्वीप की दीर्घकालिक समृद्धि केवल उसके प्राकृतिक संसाधनों, बुनियादी ढाँचे या आर्थिक निवेश पर ही नहीं, बल्कि उसकी आबादी के स्वास्थ्य, शिक्षा और सशक्तिकरण पर भी निर्भर करती है।
कोई देश तब तक पूरी तरह समृद्ध नहीं हो सकता, जब तक उसकी आबादी के बड़े हिस्से बुनियादी अवसरों से वंचित रहें। इसी प्रकार, आर्थिक विकास को तब तक सही मायनों में परिवर्तनकारी नहीं माना जा सकता, जब तक वह सामान्य परिवारों के दैनिक जीवन में सुधार न लाए।
डॉ. ब्ले के लिए, राष्ट्रीय विकास की शुरुआत समुदाय के स्तर पर होती है, सामुदायिक विकास की शुरुआत परिवार से होती है, और हर परिवार के भविष्य की शुरुआत उसके बच्चों से होती है।
शिक्षा, स्वच्छ जल, स्वास्थ्य सेवा, सामुदायिक भागीदारी और आस्था से प्रेरित करुणा को एक साथ लाकर वे एक ऐसे भविष्य की कल्पना करती हैं, जिसमें सबसे दूरदराज़ और सबसे वंचित समुदायों को भी फलने-फूलने के अवसर मिलें।
उनकी सर्वोच्च आकांक्षा गरीबी के चक्रों को तोड़ने, समुदायों को सुदृढ़ करने और स्वस्थ, शिक्षित, आत्मविश्वासी और सशक्त युवाओं की ऐसी पीढ़ी तैयार करने में मदद करना है, जो अपने-अपने देशों में परिवर्तन के वाहक बनें।
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एक मिशन से बढ़कर — सेवा की एक बुलाहट
डॉ. ब्ले के लिए Global Approach To Development एक मानवीय संगठन से कहीं बढ़कर है। यह उनके मसीही विश्वास, उनकी चिकित्सकीय बुलाहट और कमज़ोर आबादी के जीवन को बेहतर बनाने की उनकी प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है।
उनका मानना है कि हर व्यक्ति, चाहे वह कहीं भी जन्मा हो या किन्हीं भी परिस्थितियों में पैदा हुआ हो, गरिमा, अवसर और आशा का हक़दार है।
GAD के माध्यम से वे यह सुनिश्चित करना चाहती हैं कि मिशनरी कार्य के द्वारा जिन समुदायों तक पहुँचा जाता है, उनका परिचय केवल यीशु मसीह के संदेश से ही न हो, बल्कि वे सेवा, करुणा और व्यावहारिक सहायता के कार्यों के द्वारा उनके प्रेम का अनुभव भी करें।
उनका मार्गदर्शक विश्वास यह है कि किसी राष्ट्र को बदलने का सबसे प्रभावशाली तरीका उसके लोगों में निवेश करना है — और परमेश्वर के प्रेम को बाँटने का सबसे सार्थक तरीका उसे कार्यों के द्वारा प्रकट करना है।
“हे बालकों, हम वचन और जीभ ही से नहीं, पर काम और सत्य के द्वारा भी प्रेम करें।”

